लखनऊ, 27 अक्टूबर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी और उनके पिता को लेकर की गई टिप्पणी को लेकर सियासी गलियारों में घमासन जारी है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कांग्रेस के किसी बड़े नेता का नाम लिए बिना इस तरह की बयानबाजी को देश की गरिमा व मान-मर्यादा आदि के लिये भी अति-चिन्तनीय बताया है।
बसपा प्रमुख ने मंगलवार को एक्स पर पोस्ट में लिखा कि, भारतीय राजनीति में आपसी अविश्वास, द्वेष, कटूता, आरोप-प्रत्यारोप आदि का स्तर, गिरते-गिरते अब व्यक्तिगत स्तर पर भी काफी बेलगाम हो गया है। इसका असंसदीय, अमर्यादित, अपमानजनक, संकीर्ण व जातिवाद से ग्रसित होता हुआ, हिंसक बयानबाजी़ तक पहुंच जाना दुखद है। इसके लिए देश की गरिमा व मान-मर्यादा के लिए भी चिंतनीय है।
उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं बल्कि इससे बढ़कर शीर्ष स्तर पर भी आसीन लोगों के लिये एक-दूसरे के लिये अगर समुचित सम्मान नहीं तो आपत्तिजनक एवं विषैली राजनीति को अवश्य ही किसी भी प्रकार से बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिये। ख़ासकर बढ़ती संकीर्ण व गरीब-विरोधी स्वार्थी राजनीति के प्रचलन के कारण लोगों का भरोसा यहां की राजनीतिक व्यवस्था पर कमज़ोर होना कतई भी देश व जनहित में नहीं होगा।
उन्हाेंने आगे कहा कि वैसे भी सरकारी स्तर पर व्यापक भ्रष्टाचार व चुनावी प्रक्रिया पर भी ऊंगली उठने के कारण जनता में पहले से ही काफी बेचैनी है। ऐसे में नेताओं के बीच आपस में नाक की लड़ाई स्थिति को और भी अधिक विषम बना रही है, जबकि जनता की चाहत देश की बढ़ती ग़रीबी, बेरोज़गारी व महंगाई आदि जैसी ज्वलन्त समस्याओं के निदान पर सभी का ध्यान केन्द्रित करने की है। ऐसे में खासकर सभी पार्टियों व उनके नेताओं के बीच अशोभनीय टीका-टिप्पणी व बयानबाजी का बढ़ता हुआ होड़ राजनीतिक माहौल को और भी अधिक कड़वा व विषैला बनायेगा, जो अनुचित है।