आजकल बहुत से लोगों की सुबह आंख खुलते ही मोबाइल देखने से शुरू होती है। अलार्म बंद किया और उसके तुरंत बाद सोशल मीडिया, मैसेज या न्यूज देखने की आदत बन जाती है। हमें लगता है कि बस कुछ मिनट मोबाइल देख रहे हैं, लेकिन कई बार यही कुछ मिनट काफी लंबा समय बन जाता है।
सुबह उठने के तुरंत बाद मोबाइल देखने से दिमाग पर एक साथ बहुत सारी जानकारी पहुंचने लगती है। मैसेज, नोटिफिकेशन, सोशल मीडिया पोस्ट या काम से जुड़े अपडेट देखते ही हमारा ध्यान अलग-अलग चीजों में बंटने लगता है। इससे दिन की शुरुआत शांत तरीके से करने के बजाय हम पहले ही मानसिक रूप से व्यस्त हो जाते हैं।
खासकर अगर सुबह उठते ही सोशल मीडिया पर ऐसी चीजें देखने लगें जो तनाव या चिंता बढ़ाती हैं, तो इसका असर पूरे दिन के मूड पर पड़ सकता है। इसके अलावा, मोबाइल की स्क्रीन में लगातार देखते रहने से आंखों पर भी दबाव महसूस हो सकता है, खासकर जब कमरे में रोशनी कम हो।
इसलिए कोशिश करें कि सुबह उठने के बाद कुछ समय मोबाइल से दूरी रखें। सबसे पहले पानी पिएं, पर्दे खोलकर प्राकृतिक रोशनी लें, थोड़ा स्ट्रेच करें या कुछ मिनट शांत बैठें। अगर सुबह टहलने का समय मिले तो यह भी दिन की अच्छी शुरुआत हो सकती है।
एक आसान तरीका यह है कि रात में सोने से पहले मोबाइल को बिस्तर से थोड़ा दूर रखें। इससे सुबह आंख खुलते ही मोबाइल हाथ में लेने की आदत को कम करने में मदद मिल सकती है।
सुबह का पहला समय खुद को देने की कोशिश करें, मोबाइल को नहीं। दिन की शुरुआत जितनी शांत और व्यवस्थित होगी, उतना ही आप अपने काम और जरूरी चीजों पर बेहतर तरीके से ध्यान दे पाएंगे।